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    विक्षरो रोहितो मार्गो हेतुर्दामोदरः सहः । महीधरो महाभागो वेगवानमिताशनः ॥ ४०॥

    365. Viksharah: He who never wanes. 366. Rohitah: He who is of red complexion. 367. Margah: He who is sought after. 368. Hetuh: The Cause. 369. Damodarah: One who was tied around His waist by ropes by Yashodha. 370. Sahah: He who has patience. 371. Mahidharah: The Supporter of the Earth. 372. Mahi-bhagah: He who is extremely Fortunate. 373. Vegavan: He who is quick. 374. Amitasanah: The voracious Eater.

    365. विक्षरः: वह जो कभी नहीं गवाता। 366. रोहितः: जिनकी लाल रंग की है। 367. मार्गः: वह जिनका पर्यापण होता है। 368. हेतुः: कारण। 369. दामोदरः: वह जिनको यशोदा ने रस्सी से बांधा था। 370. सहः: सब्र करने वाले। 371. महीधरः: पृथ्वी के समर्थन करने वाले। 372. महीभागः: जिनका बहुत भाग्य है। 373. वेगवान्: वह जो बहुत तेजी से काम करते हैं। 374. अमितासनः: जो बहुत अधिक खाने वाले हैं।