1. 39

    स्वयम्भूः शम्भुरादित्यः पुष्कराक्षो महास्वनः । अनादिनिधनो धाता विधाता धातुरुत्तमः ॥ ५॥

    37. Svayambhuh: He who manifests Himself by His own free will. 38. Shambhuh: One who causes happiness to everyone by the beauty of His appearance 39. Adityah: One who is the Adityas. 40. Pushkarakshah: The Lotus-eyed. 41. Maha-Svanah: He of the venerable sound. 42. Anadi-Nidhanah: One who is without beginning or end. 43. Dhata: The creator. 44. Vidhata: The producer. 45. Dhaturuttamah: One who is the best.

    37. स्वयम्भूः: वह जो अपनी स्वेच्छा से स्वयं प्रकट होते हैं। 38. शम्भुः: जिनकी दिखाई की सुंदरता से सभी को खुशी प्रदान होती है। 39. आदित्यः: जो आदित्य हैं। 40. पुष्कराक्षः: कमल की तरह की आंखों वाले। 41. महास्वनः: जिनका श्रद्धनीय ध्वनि है। 42. अनादि-निधनः: वह जिसका आरंभ और अंत नहीं है। 43. धाता: ब्रह्मा, सर्वश्रेष्ठ निर्माता। 44. विधाता: सब कुछ उत्पन्न करने वाला। 45. धातुरुत्तमः: सर्वोत्तम धाता।