1. 148

    यशः प्राप्नोति विपुलं ज्ञातिप्राधान्यमेव च । अचलां श्रियमाप्नोति श्रेयः प्राप्नोत्यनुत्तमम् ॥ ६॥

    By chanting these names, one attains great fame, preeminence in knowledge, steadfast prosperity, and ultimately, the highest good (supreme benefit).

    इन नामों का जाप करके, व्यक्ति को महान प्रसिद्धि, ज्ञान में प्रमुखता, स्थिर समृद्धि, और आखिरकार सर्वोच्च भलाई (परम लाभ) प्राप्त होता है।