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    विश्वमूर्तिर्महामूर्तिर्दीप्तमूर्तिरमूर्तिमान् । अनेकमूर्तिरव्यक्तः शतमूर्तिः शताननः ॥ ७७॥

    722. Visvamurtih: He Who has the Universe as His body. 723. Mahamurtih: He of Immense form. 724. Diptamurtih: He with a shining form. 725. Amurtiman: He Who has no fixed Forms. 726. Anekamurtaye: He of many forms. 727. Avyaktaha: He Who cannot be easily realized. 728. Satamurtisa: He with a hundred forms. 729. satanana: He Who is many-faced.

    722. विश्वमूर्तिः: वह जिनका शरीर सम्पूर्ण ब्रह्मांड है। 723. महामूर्तिः: अत्यन्त बड़े आकार वाले वह। 724. दीप्तमूर्तिः: जिनके आकार में चमक रही है। 725. अमूर्तिमान्: वह जिनका कोई निश्चित आकार नहीं है। 726. अनेकमूर्तये: अनेक आकारों वाले वह। 727. अव्यक्तः: जिसे आसानी से समझा नहीं जा सकता। 728. सतमूर्तिसः: सौ आकारों वाले वह। 729. सतननः: जिनका चेहरा सौ रूपों में है।