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    कामदेवः कामपालः कामी कान्तः कृतागमः । अनिर्देश्यवपुर्विष्णुर्वीरोऽनन्तो धनञ्जयः ॥ ७०॥

    657. Kama-devah: The One who grants all desires. 658. Kama-palah: The Protector of those who desire Him. 659. Kami: He who is of fulfilled desires. 660. Kantah: He Who is charming. 661.Krtagamah: The Revealer of the sacred mantras to the pure-minded. 662. Anirdesya-vapuh: He of indefinable form. 663. Vishnuh: The Pervader. 664. Virah: The Valiant. 665. Anantah: The Limitless. 666. Dhananjayah: He Who surpasses all other wealth in being desired.

    657. कामदेवः: सभी इच्छाओं को पूरा करने वाला। 658. कामपालः: उनका संरक्षक जो उन्हें चाहते हैं। 659. कामी: वो जिनकी इच्छाएँ पूरी हो चुकी हैं। 660. कान्तः: वो जो मोहक हैं। 661. कृतगमः: पवित्र बुद्धिवालों को पवित्र मंत्रों का प्रकटकरण करने वाला। 662. अनिर्देश्य-वपुः: जिनका रूप अनिर्देश्य है। 663. विष्णुः: सर्वव्यापी। 664. वीरः: वीर्यशाली। 665. अनंतः: अनंत। 666. धनञ्जयः: जो अन्य सभी धनों को प्राप्त करने की इच्छा में है।