1. 30

    साधु सन्त के तुम रखवारे । असुर निकन्दन राम दुलारे ॥ ३० ॥

    You are the guardian of saints and sages; the destroyer of demons and adored by Lord Rama. ॥ 30 ॥

    हे श्री राम के दुलारे ! आप सज्जनों की रक्षा करते है और दुष्टों का नाश करते है। ॥ ३० ॥