1. 22

    सब सुख लहै तुह्मारी सरना । तुम रच्छक काहू को डर ना ॥ २२ ॥

    Those who take refuge in You, find all the comforts and happiness. When we have a protector like You, we do not need to get scared of anybody or anything.॥ 22 ॥

    जो भी आपकी शरण में आते है, उस सभी को आन्नद प्राप्त होता है, और जब आप रक्षक है, तो फिर किसी का डर नहीं रहता। ॥ २२ ॥