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    प्रलयकाल सब नाशन हारी । तुम गौरी शिवशंकर प्यारी ॥ ७ ॥

    At the time of Dissolution it is you, O Mother, who destroys everything. You are the beloved consort of Lord Shiva, Gauri (Parvathi) ॥ 7 ॥

    प्रलयकाल में आप ही विश्व का नाश करती हैं। भगवान शंकर की प्रिया गौरी-पार्वती भी आप ही हैं। ॥ ७ ॥