1. 20

    नगरकोट में तुम्हीं विराजत। तिहुँलोक में डंका बाजत ॥ २० ॥

    You also repose in the form of the Devi at Nagarkot in Kangara. Thus all the three realms shudder in the might of your glory. ॥ 20 ॥

    नगरकोट वाली देवी के रूप में आप ही विराजमान हैं। तीनों लोकों में आपके नाम का डंका बजता है। ॥ २० ॥