1. 14

    सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा । नारद सारद सहित अहीसा ॥ १४ ॥

    Sages like Sanaka, Gods like Brahma and sages like Narada and even the thousand-mouthed serpent sing Your fame! Sanak, Sanandan and the other Rishis and great saints; Brahma - the god, Narada, Saraswati - the Mother Divine and the King of serpents sing Your glory. ॥ 14 ॥

    श्री सनक, श्री सनातन, श्री सनन्दन, श्री सनत्कुमार आदि मुनि ब्रह्मा आदि देवता नारद जी, सरस्वती जी, शेषनाग जी सब आपका गुण गान करते है। ॥ १४ ॥