1. 14

    इदं तु कुञ्जिकास्तोत्रं मन्त्रजागर्तिहेतवे । अभक्ते नैव दातव्यं गोपितं रक्ष दातव्यं गोपितं रक्ष पार्वति ॥ १४ ॥

    This is prayer of the Kunjika which is the reason for awakening, Oh Parvati, keep this protected and kept secret from those who are not devotees. ॥ 14 ॥

    यह कुंजिकास्तोत्र मन्त्र को जगाने के लिए है। इसे भक्तिहीन पुरुष को नहीं देना चाहिए। हे पार्वती! इसे गुप्त रखो। ॥ १४ ॥