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    नमस्ते शुम्भहन्त्र्यै च निशुम्भासुरघातिनि जाग्रतं हि महादेवि जपं सिद्धं कुरुष्व मे ॥ ७ ॥

    Salutations to the killer of Shumba and the killer of Nishumbha, Oh Great goddess , please safely give me expertise of chanting this. ॥ 7 ॥

    शुम्भ का हनन करने वाली और निशुम्भ को मारने वाली ! तुम्हें नमस्कार है। हे महादेवि! मेरे जप को जाग्रत और सिद्ध करो। ॥ ७ ॥