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    समस्तामरेशम् द्विरेफाभ केशं जगद्विम्बलेशम् हृदाकाशदेशम्। सदा दिव्यदेहं विमुक्ताखिलेहम् सुवैकुन्ठगेहं भजेऽहं भजेऽहं ।। ६ ।।

    I worship him, who is the lord of all devas and has a pretty hair frequented by bees. This earth is the part of him and has a body as clear as the sky. Shri Hari has a holy mien and has no attachments to this world. His home is named as Vaikunta. ।। 6 ।।

    जो सभी देवों के स्वामी हैं, काली मधु मक्खी के समान जिनके केश (बालों) का रंग है, पृथ्वी जिनके शरीर का हिस्सा है और जिनका शरीर आकाश के समान स्पष्ट है। जिनकी देह (शरीर) सदा दिव्य है, जो संसार के बंधनों से मुक्त हैं, बैकुंठ जिनका निवास है, उन भगवान् विष्णु को में बारम्बार भजता/ती ‍हूँ । ।। ६ ।।