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    देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहम् करुणाकर लिङ्गम् । रावणदर्पविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम् ॥ २ ॥

    The Linga that is worshipped by the sages, the destroyer of of Kama, Linga, the compassionate, the Linga, the destroyer of the arrogance of Ravana, to that Linga, (representing) Sadashiva, my prostrations. ॥ 2 ॥

    जो शिवलिंग श्रेष्ठ देवगण एवं ऋषियों द्वारा पूजित, कामदेव को नष्ट करने वाला, करुणा की खान, रावण के घमंड को नष्ट करने वाला है, उस सदाशिव लिंग को मैं प्रणाम करता हूँ ॥ २ ॥