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    कुङ्कुमचन्दनलेपितलिङ्गं पङ्कजहारसुशोभितलिङ्गम् । सञ्चितपापविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम् ॥ ५ ॥

    The Linga annointed with saffron and sandal paste and appears radient with a garland of lotuses, the Linga that destroys accumulated sins, to that Linga, (representing) Sadashiva, my prostrations. ॥ 5 ॥

    सदाशिव का लिंगरूप विग्रह ( शरीर ) कुंकुम, चन्दन आदि से पुता हुआ, दिव्य कमल की माला से सुशोभित और अनेक जन्म-जन्मान्तर के संचित पाप को नष्ट करने वाला है, उस सदाशिव लिंग को मैं प्रणाम करता हूँ ॥ ५ ॥