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Srimad Bhagavatam

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तस्य चाष्टौ भविष्यन्ति सुमाल्यप्रमुखाः सुताः । य इमां भोक्ष्यन्ति महीं राजानः स्म शतं समाः ॥ १२-१-११ ॥

He will have eight sons, headed by Sumālya, who will control the earth as powerful kings for one hundred years. ॥ 12-1-11 ॥

english translation

सुमाल्या के नेतृत्व में उसके आठ पुत्र होंगे, जो एक सौ वर्षों तक शक्तिशाली राजाओं के रूप में पृथ्वी पर शासन करेंगे। ॥ १२-१-११ ॥

hindi translation

नवनन्दान् द्विजः कश्चित्प्रपन्नानुद्धरिष्यति । तेषामभावे जगतीं मौर्या भोक्ष्यन्ति वै कलौ ॥ १२-१-१२ ॥

A certain brāhmaṇa [Cāṇakya] will betray the trust of King Nanda and his eight sons and will destroy their dynasty. In their absence the Mauryas will rule the world as the Age of Kali continues. ॥ 12-1-12 ॥

english translation

एक निश्चित ब्राह्मण [चाणक्य] राजा नंद और उनके आठ पुत्रों के विश्वास को धोखा देगा और उनके राजवंश को नष्ट कर देगा। उनकी अनुपस्थिति में मौर्य दुनिया पर शासन करेंगे क्योंकि कलि युग जारी रहेगा। ॥ १२-१-१२ ॥

hindi translation

स एव चन्द्रगुप्तं वै द्विजो राज्येऽभिषेक्ष्यति । तत्सुतो वारिसारस्तु ततश्चाशोकवर्धनः ॥ १२-१-१३ ॥

This brāhmaṇa will enthrone Candragupta, whose son will be named Vārisāra. The son of Vārisāra will be Aśokavardhana. ॥ 12-1-13 ॥

english translation

यह ब्राह्मण चंद्रगुप्त का राज्याभिषेक करेगा, जिसके पुत्र का नाम वारिसर होगा। वारिसर का पुत्र अशोकवर्धन होगा। ॥ १२-१-१३ ॥

hindi translation

सुयशा भविता तस्य सङ्गतः सुयशः सुतः । शालिशूकस्ततस्तस्य सोमशर्मा भविष्यति ॥ १२-१-१४ ॥

Aśokavardhana will be followed by Suyaśā, whose son will be Saṅgata. His son will be Śāliśūka, Śāliśūka’s son will be Somaśarmā, and Somaśarmā’s son will be Śatadhanvā. ॥ 12-1-14 ॥

english translation

अशोकवर्धन के बाद सुयशा आएगी, जिसका पुत्र संगत होगा। उसका पुत्र शालिशुक होगा, शालिशुक का पुत्र सोमशर्मा होगा, और सोमशर्मा का पुत्र शतधन्वा होगा। ॥ १२-१-१४ ॥

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शतधन्वा ततस्तस्य भविता तद्बृहद्रथः । मौर्या ह्येते दश नृपाः सप्तत्रिंशच्छतोत्तरम् । समा भोक्ष्यन्ति पृथिवीं कलौ कुरुकुलोद्वह ॥ १२-१-१५ ॥

His son will be known as Bṛhadratha. O best of the Kurus, these ten Maurya kings will rule the earth for 137 years of the Kali-yuga. ॥ 12-1-15 ॥

english translation

उनके पुत्र को बृहद्रथ के नाम से जाना जाएगा। हे कुरुश्रेष्ठ, ये दस मौर्य राजा कलियुग के १३७ वर्षों तक पृथ्वी पर शासन करेंगे। ॥ १२-१-१५ ॥

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