1. 31

    प्रतिश्रुतं त्वयैतस्मै यदनर्थमजानता । न साधु मन्ये दैत्यानां महानुपगतोऽनयः ।। ८-१९-३१ ।।

    You do not know what a dangerous position you have accepted by promising to give Him land. I do not think that this promise is good for you. It will bring great harm to the demons. ।। 8-19-31 ।।

    तुम यह नहीं जान पा रहे कि इन्हें भूमि देने का वचन देकर तुमने कैसी घातक स्थिति अंगीकार कर ली है। मेरी समझ में यह वचन (प्रतिज्ञा) तुम्हारे लिए उत्तम नहीं है। इससे असुरों को महान् क्षति होगी। ।। ८-१९-३१ ।।

  2. 32

    एष ते स्थानमैश्वर्यं श्रियं तेजो यशः श्रुतम् । दास्यत्याच्छिद्य शक्राय मायामाणवको हरिः ।। ८-१९-३२ ।।

    This person falsely appearing as a brahmacārī is actually the Supreme Personality of Godhead, Hari, who has come in this form to take away all your land, wealth, beauty, power, fame and education. After taking everything from you, He will deliver it to Indra, your enemy. ।। 8-19-32 ।।

    यह व्यक्ति जो ऊपर से ब्रह्मचारी लग रहा है वास्तव में भगवान् हरि है, जो तुम्हारी सारी भूमि, सम्पत्ति, सौन्दर्य, शक्ति, यश तथा शिक्षा लेने के लिए इस रूप में आया है। यह तुम्हारा सर्वस्व छीनकर तुम्हारे शत्रु इन्द्र को दे देगा। ।। ८-१९-३२ ।।

  3. 33

    त्रिभिः क्रमैरिमाँल्लोकान् विश्वकायः क्रमिष्यति । सर्वस्वं विष्णवे दत्त्वा मूढ वर्तिष्यसे कथम् ।। ८-१९-३३ ।।

    You have promised to give Him three steps of land in charity, but when you give it He will occupy the three worlds. You are a rascal! You do not know what a great mistake you have made. After giving everything to Lord Viṣṇu, you will have no means of livelihood. How then shall you live? ।। 8-19-33 ।।

    तुमने उन्हें दान में तीन पग भूमि देने का वचन दिया है, किन्तु जब तुम देने इसे दे दोगे तो वे तीनों लोकों में अधिकार जमा लेंगे। तुम निपट मूर्ख हो। तुम नहीं जानते कि तुमने कितनी बड़ी भूल की है। भगवान् विष्णु को सर्वस्व दान देने पर तुम्हारे पास जीविका का कोई साधन नहीं रहेगा। तब तुम कैसे जिओगे? ।। ८-१९-३३ ।।

  4. 34

    क्रमतो गां पदैकेन द्वितीयेन दिवं विभोः । खं च कायेन महता तार्तीयस्य कुतो गतिः ।। ८-१९-३४ ।।

    Vāmanadeva will first occupy the three worlds with one step, then He will take His second step and occupy everything in outer space, and then He will expand His universal body to occupy everything. Where will you offer Him the third step? ।। 8-19-34 ।।

    सर्वप्रथम वामनदेव एक पग से तीनों लोकों को घेर लेंगे, तत्पश्चात् वे दूसरा पग भरेंगे और बाह्य आकाश की प्रत्येक वस्तु को ले लेंगे और तब वे अपने विश्वरूप का विस्तार करके सर्वस्व पर अधिकार जमा लेंगे। तब तुम उन्हें तीसरा पग रखने के लिए कहाँ स्थान दोगे? ।। ८-१९-३४ ।।

  5. 35

    निष्ठां ते नरके मन्ये ह्यप्रदातुः प्रतिश्रुतम् । प्रतिश्रुतस्य योऽनीशः प्रतिपादयितुं भवान् ।। ८-१९-३५ ।।

    You will certainly be unable to fulfill your promise, and I think that because of this inability your eternal residence will be in hell. ।। 8-19-35 ।।

    तुम निश्चित रूप से अपना वचन पूरा करने में असमर्थ होगे और मैं सोचता हूँ कि अपनी इस असमर्थता के कारण तुम्हें नरक में शाश्वत निवास करना पड़ेगा। ।। ८-१९-३५ ।।